Monday, June 28, 2010

Sunday, May 2, 2010

PC Game on Parmanu by Raj Comics



Hello friends.
Raj Comics has provided a PC game on Parmanu.
Please visit the following link, download it and play.
This is nice game, I have played it, it is very nice.
Click here to go to download page

Sunday, March 21, 2010

Short story on Bankelal. written by me

Line-1) राजा विक्रमसिंह को मारने में अपनी असफलता को देखते हुए बांकेलाल प्लान में थोडा change करता है, और राजा को गद्दी से उतारकर खुद राजा बनने की सोचता है.
Line-2) बांकेलाल राज्य में वोट करवाने की सोचता है, वोट का पता उसे कलियुग की यात्रा में चला था, वो इसके लिए राजा को भी मना लेता है.
Line-3) राजा (यहाँ प्रधानमंत्री) बनने के लिए 2 प्रत्याशी होता है, बांकेलाल और सेनापति मरखप सिंह, मरखप सिंह बांकेलाल की चाल है, क्यूंकि वो बांकेलाल के सामने टिक नहीं पायेगा.
Line-4) विक्रमसिंह भी अपने प्रिय बांकेलाल के लिए प्रचार करता है और बांकेलाल को वोट देने की अपील करता है, लेकिन मरखप सिंह अपने लिए कोई प्रचार नहीं करता.
Line-5) वोट हो जाता है, अतिआत्म्विश्वास से भरपूर बांकेलाल वोट डालने भी नहीं जाता है, और राजा बनने की तैयारी शुरू कर देता है.
Line-6) वोट की निर्णय में मरखप सिंह विजयी होता है, बांकेलाल जब गहरी छानबीन करता है तो पता चलता है की मरखप सिंह ने अपना चुनाव चिह्न बांकेलाल का थोबडा ही रखा हुआ था.
Line-7) वोटिंग प्रक्रिया से अपिरिचित जनता बांकेलाल के थोबडे पर भरपूर मुहर लगाकर चली जाती है.
Line-8) कत्ल-ए-आम राक्षस जो सिर्फ राजाओं को मारता है, विशालगढ पर आक्रमण करता है.
Line-9) आक्रमण करते ही वो मर जाता है, क्यूंकि उसे ऋषि प्रजातान्त्रचार्य का श्राप होता है की किसी प्रजातान्त्रिक राज्य पर आक्रमण करते ही उसकी मृत्यु हो जायेगी.
Line-10) इसतरह बच जाती है विक्रमसिंह की जान और बांकेलाल को मिलती है मोटे मुच्छड़ की पुच्ची.

Monday, August 3, 2009

Tuesday, July 28, 2009

Join Nagraj Community on Orkut

All Nagraj fans, we do not have any active Nagraj community on Orkut.
Now it is a time to come all Nagraj fans at a single place and support for our great Super Hero. Here is the community.
Please join this.

http://www.orkut.co.in/Main#Community.aspx?cmm=47394056

Sunday, July 12, 2009

My Artwork



My favorite superhero
NAGRAJ

My Artwork

Friday, June 19, 2009

Live Commentary from राज कॉमिक्स

Live Commentary from राज कॉमिक्स....
"आप सबका स्वागत है राज कॉमिक्स इनसाइड स्टोरी में, और में हूँ आप सबका प्यारा दोस्त महारण...नाम तो सुना ही होगा.और ये है मेरा सहयोगी टेकर..इसका नाम तो जरूर सुना होगा."
आज हम आपको दिखायेंगे राज कॉमिक्स के अन्दर की बात.
तभी टेकर महारण के कान में फुसफुसाता है..टेकर -'ऑफिस के अन्दर जाने के लिए संजय जी ने अनुमति नहीं दी है'
महारण-'कोई बात नहीं बाहर का ही दिखा देंगे, पब्लिक को सभी चैनल वाले मुर्ख बनाते है, हम भी बनायेंगे.'

"हाँ तो प्यारे दर्शकों, हम आपको दिखायेंगे की यहाँ राज कॉमिक्स का चिडियाघर है, जहाँ बहुत सारे छोटे मोटे जानवर है. "
महारण इधर उधर नज़र दौड़ता है, एक चिडिया तक नज़र नहीं आता.
टेकर के कान में, 'अरे एक चिडिया भी नज़र नहीं आ रहा है, क्या ख़ाक दिखायेंगे लाइव शो में, तुम तो बोल रहे थे, बहुत से जानवर है.'
टेकर- 'अन्दर है, क्या गेट पर ही बाँध कर रखेंगे, कोई गाई , भैंस पालकर नहीं रखा हुआ है राज कॉमिक्स वालों ने.'
'अकल तो बच्चा जितना भी नहीं, किसने बना दिया इसको रिपोर्टर.'

"तो दोस्तों आइये अन्दर चलते है. यहाँ पर तरह के पशु पक्षी है और राज वाले इनका कितना ध्यान रखते है.
राज मतलब नागराज..नागराज मतलब सांप. आइये हम दिखाते है की राज वाले साँपों का कितना ख्याल रखते है."
पीछे मुड़कर टेकर को 'जल्दी से सांप को दूध पीलानेवाला विडियो चालू कर'
हाँ तो आप देखिये यहाँ सांप दूध पीते हुए.....
स्क्रीन में दिखाई दिया,, कोई फोरम मेंबर दूध पी रहा है.
महारण टेकर से धीमी आवाज में 'अबे तुझे सांप को दूध पिलाने वाला विडियो लगाने बोला था, आस्तीन के सांप वाला नहीं...और तू ये hat पहनकर क्यूँ आया, जयादा हीरो बनना है क्या'. टेकर ने कोई जवाब नहीं दिया. उसने चुपचाप विडियो बदल दिया.
अब देखिये बन्दर किस तरह यहाँ मस्ती करते है.
'बन्दर वाला विडियो चालू कर'
स्क्रीन पर दिखाई दिया.. कुछ फोरम मेम्बेर्स पेड़ पर चदे है, बंटी और शादाब पेड़ के इर्द गिर्द घूम रहे है'
अब तो महारण के बर्दाश्त के बाहर हो गया. वो मारने दौडा टेकर को तभी, बहादुर (इन पशु पक्षियों का देखभाल करता है) दौड़ता हुआ आया.और चिल्लाया . "अरे सबसे नटखट बन्दर अपने पिंजरे से भाग गया है, और उसने किसी फोरम मेंबर का कपडा पहना हुआ है, और सर पर hat भी है."
अब भागने की बारी महारण की थी, जो वहां से भागा सीधे स्टेशन पर जाकर रुका....